Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Posts Tagged ‘book review’

प्रभू ईसा को देख, चकित होते हुऐ चरवाहे - चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से।

यह श्रृंखला मेरे उन्मुक्त चिट्ठे पर कई कड़ियों में प्रकाशित हो चुका है। इसकी शुरुवात मैंने इस प्रश्न के उत्तर में शुरू की कि,

बेथलेहम का तारा क्या था?

इसमें तीन विषय – बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियों – पर चर्चा है।

(more…)

Read Full Post »

यह बच्चन जी की जीवनी का चौथा एवं अंतिम भाग है। बच्चन जी इलाहाबाद में क्लाईव रोड पर जिस बंगले में रहते थे, उसके कमरों में दरवाजे, खिड़कियों और रोशनदान को मिलाकर १०-१० खुली जगहें थी, इसलिये उसका नाम उन्होंने दशद्वार रख दिया। (more…)

Read Full Post »

‘बसेरे से दूर’, बच्चन जी की आत्म कथा का तीसरा भाग है। इसमें उस समय की बात है जब वे इलाहाबाद से दूर रहे।

(more…)

Read Full Post »

नीड़ का निर्माण फिर बच्चन जी की जीवनी का दूसरा भाग है, यह भाग उनकी पहली पत्नी श्यामा की मृत्यु से शुरू होकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पुनः दाखिले, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नियुक्ति, तेजी जी से मिलन, अमिताभ एवं अजिताभ पुत्र रत्न की प्राप्ति, और उनके शिखर पर पहुंचने की कथा है। इस दौरान उन्होने अपने बसेरे का निर्माण किया शायद इसलिये इस भाग का नाम उन्होंने ‘नीड़ का निर्माण फिर’ रखा। (more…)

Read Full Post »

अमिताभ बच्चन के पिता, मधुशाला के लेखक – हरिवंश राय बच्चन का जन्म २७ नवम्बर १९०७ में इलाहाबाद के पास प्रतापगढ़ जिले के एक गांव में हुआ था। उन्होने अपनी अधिकतर पढ़ायी इलाहाबाद में की और यहीं पर नौकरी भी की। १९५५ में, जवाहर लाल नहरू, इन्हें दिल्ली ले गये। वे राज्य सभा के सदस्य रहे। १९६९ में उन्हें साहित्य आकदमी का पुरुस्कार मिला। वे पद्म भूषण, सरस्वती सम्मान, और यश भारती सम्मान से भी नवाज़े गये। उनकी मृत्यु १८ जनवरी २००३ में हो गयी।

बच्चन जी ने अपनी आत्मकथा चार खन्डो में लिखी है। इस चिट्ठी में उनकी आत्मकथा के पहले भाग क्या भूलूं क्या याद करूं की समीक्षा है। (more…)

Read Full Post »

यह लेख रिचार्ड फाइनमेन के लिखे पत्रों संग्रहीत कर लिखी गयी पुस्तक ‘क्या आपके पास सोचने का समय नहीं है’ (Don’t you have time to think) की पुस्तक समीक्षा है और इन पत्रों के माध्यम से उनके दर्शन, उनके जीवन के मूल्यों पर भी एक नज़र डालती है।

(more…)

Read Full Post »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 161 other followers

%d bloggers like this: